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कार खरीदना होगा और भी सुरक्षित, BNCAP 2.0 में 5-स्टार रेटिंग के नियम होंगे सख्त: नितिन गडकरी

1 घंटे पहले

Bharat NCAP 2.0: सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने घोषणा की है कि अक्टूबर 2027 से BNCAP का दूसरा चरण लागू होगा जिसमें क्रैश टेस्ट के नियम और भी सख्त होंगे।
कार खरीदना होगा और भी सुरक्षित, BNCAP 2.0 में 5-स्टार रेटिंग के नियम होंगे सख्त: नितिन गडकरी

नई दिल्ली। SIAM के 66वें वार्षिक सम्मेलन में सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने खुलासा किया है कि सरकार BNCAP के दूसरे चरण की तैयारी कर रही है जो अक्टूबर 2027 से लागू होने वाला है। गडकरी ने कहा कि, BNCAP के इस नए चरण का मकसद वाहन मूल्यांकन कार्यक्रम (Vehicle Assesment Programme) का दायरा बढ़ाना है जिसमें क्रैश से बचाव, पैदल चलने वालों की सुरक्षा जैसे क्षेत्र शामिल हैं।  

BNCAP का दूसरा चरण

SIAM सम्मेलन में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि, हम Bharat NCAP 2 को लागू करने जा रहे हैं जो अक्टूबर 2027 से वैलिड होगा। यह नया चरण सुरक्षा के और भी ज्यादा पैमानों की जांच करेगा। उन्होंने कहा कि, हम पूरे क्रैश चेन का मूल्यांकन करने जा रहे हैं। 
    


ग्लोबल तकनीक और सुझाव

मंत्रालय दुनिया भर में उपलब्ध नई सुरक्षा तकनीकों के साथ-साथ भारतीय स्टार्टअप द्वारा विकसित किए जा रहे समाधानों पर भी ध्यान देगा। नितिन गडकरी ने वाहन निर्माताओं को अन्य बाजारों में अपनाए जाने वाले शोध, तकनीकी अनुभव के आधार पर सुझाव भेजने के लिए भी आमंत्रित किया।


BNCAP के नियम और स्कोरिंग

नवंबर 2025 में सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने AIS-197 के तहत भारत NCAP के अगले चरण के नियम प्रस्तावित किए जिनका मकसद कार सेफ्टी प्रोग्राम को ज्यादा सख्त बनाना है। प्रस्तावित प्रणाली के तहत, कारों को पांच क्षेत्रों के आधार पर 100 में से अंक मिलेंगे- क्रैस सेफ्टी (55 अंक), पैदल चलने वाले और अन्य कमजोर सड़क उपयोगकर्ता (Vulnerable Road Users)- 20 अंक।

इसके अलावा, सुरक्षित ड्राइविंग सुविधाएं (10 अंक), दुर्घटना से बचने की तकनीक (10 अंक) और क्रैश के बाद की सुरक्षा (5 अंक)। 

 

  

5-स्टार रेटिंग के सख्त नियम

5-स्टार सुरक्षा रेटिंग के नियम अब और भी सख्त हो जाएंगे। साल 2027 से 5 स्टार पाने के लिए किसी कार को 100 में से कम से कम 70 अंक लाने होंगे जबति 2029 से स्कोर बड़कर 80 अंक हो जाएगा। प्रस्ताव में ज्यादा क्रैश टेस्ट की मांग भी की गई। मौजूदा परीक्षणों के अलावा, कारों को 50kmph से फुल-विड्थ फ्रंटल क्रैश टेस्ट, 32kmph की ऑब्लिक पोल इंपैक्ट टेस्ट और 50kmph की रियर इंपैक्ट टेस्ट से गुजरना होगा।

मौजूदा साइड पोल टेस्ट की स्पीड 29kmph से बढ़ाकर 32kmph कर दी जाएगी। एक अन्य बड़ा बदलाव यह है कि स्टार रेटिंग के लिए योग्य होने के लिए कारों को स्टैंडर्ड तौर पर कर्टेन एयरबैग और ESC देना होगा।

# india # automobile

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